उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी शिकायत निस्तारण की गुणवत्ता सुनिश्चित करें। कहीं लापरवाही मिलती है तो संबंधित पटल सहायक की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि या चेतावनी की कार्यवाही अनिवार्य रूप से की जाए। स्वास्थ्य विभाग की प्रगति संतोषजनक नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि निस्तारण में बरती जा रही ढिलाई के लिए संबंधित लिपिक या आशुलिपिक को चेतावनी जारी करें।
इसी प्रकार नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी ने गुणवत्तापूर्ण निस्तारण न किए जाने और संतुष्टि प्रतिशत कम रहने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आगे यदि सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई की जाएगी। बैठक में फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति भी औसत से कम पाई गई, जिस पर उन्होंने उप जिलाधिकारियों से कहा कि कार्मिकवार समीक्षा कर आज ही रिपोर्ट उपलब्ध कराएं ताकि शिथिलता बरतने वालों पर कार्रवाई की जा सके।
साथ ही रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष योजना के लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश देते हुए जिला प्रोबेशन अधिकारी को आज ही बैठक आयोजित कर सभी मामलों का निपटारा सुनिश्चित करने के लिए कहा है। अंत में जिलाधिकारी ने “समर्थ उत्तर प्रदेश, विकसित उत्तर प्रदेश @2047” कार्यक्रम के तहत हो रही धीमी प्रगति पर असंतोष जताया। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी व जिला युवा कल्याण अधिकारी को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभागीय कर्मचारियों से क्यूआर कोड के माध्यम से कार्यवाही कराकर फीडबैक सुधारें।————-
