दोपहर बाद ग्राम बाराकोट का देवी रथ धाम पहुंचा। देवी रथ के आगमन पर पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।लड़ीधूरा शैक्षिक एवं सांस्कृतिक मंच बाराकोट के अध्यक्ष नगेन्द्र कुमार जोशी ने बताया कि यह महोत्सव क्षेत्र की आस्था, संस्कृति और एकता का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि यह आयोजन धार्मिक महत्व के साथ-साथ समाज में कुरीतियों के उन्मूलन, पर्यावरण संरक्षण, जनजागरूकता और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का संदेश भी देता है। महोत्सव के दौरान विभिन्न शैक्षिक, सांस्कृतिक और खेलकूद प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। इनमें स्थानीय युवाओं और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
