जेडीए रीजन में 17 तहसीलों के 632 गांव शामिल, दायरा हुआ दोगुना, अधिसूचना जारी

Spread the love

जेडीए रीजन में गांव आने का सबसे ज्यादा फायदा रोड नेटवर्क को लेकर होगा। वहीं अब इन गांवों में बसने वाली योजनाओं को मंजूरी और जमीनों का भू-उपयोग परिवर्तन (कृषि से अकृषि उपयोग) की मंजूरी भी जेडीए स्तर पर दी जाएगी। जोबनेर, शाहपुरा और चाकसू नगर पालिका के मास्टर प्लान के गांवों को भी शामिल किया गया है। आंधी, बस्सी, चाकसू, चौमूं, दूदू, जालसू, जमवारामगढ़, जोबनेर, कोटखावदा, किशनगढ़-रेनवाल, माधोराजपुरा, विराटनगर, तूंगा, शाहपुरा, फुलेरा, फागी, मौजमाबाद तहसीलों के कुल 632 गांवों को इसमें शामिल किया गया है। जोबनेर, शाहपुरा और चाकसू तहसील के 47 गांव भी मास्टर प्लान में शामिल किए गए है। वहीं जयपुर, चौमूं और सांगानेर तहसील के 14 गांव जो पहले जेडीए रीजन में शामिल होने से रह गए थे, उन्हें भी शामिल किया गया है। बढ़ेगी रोड कनेक्टिविटी जेडीए रीजन में गांव आने का सबसे ज्यादा फायदा रोड नेटवर्क को लेकर होगा। आज भी कई गांव ऐसे हैं, जहां आबादी बढ़ गई है। लेकिन इसके अनुरूप सेक्टर रोड नहीं हैं। 80 फीट या उससे ज्यादा चौड़ाई की सड़कों का निर्माण जेडीए स्तर पर ही करवाया जाता है। इससे इन गांवों की कनेक्टिविटी दूसरे गांवों, कस्बों और शहरों से आसान बनती है। इन गांवों को शामिल करने के बाद जेडीए अब भविष्य का मास्टर प्लान तैयार करेगा। इनमें इन गांवों की जरूरतों, उसके रोड नेटवर्क और भविष्य में किए जाने वाले विकास कार्यों को देखते हुए डेवलपमेंट किया जाएगा। इसके अलावा गांवों में जो सिवायचक (सरकारी) और खातेदारी की जमीनें हैं, उनका लैंड यूज निर्धारण भी जेडीए स्तर पर किया जाएगा।