पुजारी संजय प्रजापति ने शुक्रवार को पत्रकारों से बताया कि मंदिर के निकट करीब एक दर्जन से ज्यादा लोग उनके पास आए। लाउड स्पीकर बजाने को लेकर उन्हें रोककर धमकी देने लगे। कुछ देर धमकाने के बाद वे उलझने की कोशिश किए। उन्होंने किसी तरह अपनी जान बचाई।
वाराणसी में हिंदू युवा वाहिनी के पदाधिकारी अम्बरीश सिंह भोला ने घटना पर त्वरित टिप्पणी करते हुए कहा कि वर्ग विशेष जिन्हें अल्पसंख्यक कहा जाता है, उनके द्वारा हनुमान चालीसा बजाने पर विरोध किया जा रहा है। जबकि इन वर्ग विशेष द्वारा सुबह 5 बजे से ही 5 टाईम ऊंची-ऊंची मीनारों पर लाउड स्पीकर लगाकर हल्ला किया जाता है। लेकिन कभी भी बहुसंख्यक समाज ने विरोध नही किया। मेरा मानना है कि जब सिर से ऊपर पानी चला जाए तो उसे जरूर उतारना चाहिए।
