रविवार को उदयपुर में प्रेसवार्ता में राठौड़ ने कहा कि राजकुमार रोत अपनी राजनीति चमकाएं, पर समाज को तोड़ने वाली राजनीति कभी स्वीकार नहीं होगी। जनता से पूछो, जिनकी जमीन अवाप्त हुई है, यदि उन्हें बाजार दर से दस गुना मुआवजा मिल जाए तो वे कितने खुश होंगे। उन्होंने रोत से विकास का एजेंडा पेश करने की बात कही और चेताया कि समाज में दरार डालने का प्रयास उचित नहीं है।
मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. सुनीता मिश्रा द्वारा औरंगजेब पर दिए गए वक्तव्य पर भी राठौड़ ने असहमति जताई। उन्होंने कहा कि बिना इतिहास का अध्ययन किए किसी की प्रशंसा या आलोचना करना अपराध है। कुलपति ने माफी मांगी है, इसका मतलब अपराध बोध है। जांच कमेटी अध्ययन कर निर्णय लेगी।
चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर राठौड़ ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि हर बार SIR होता है, जिससे फर्जी मतदाता हटाए जाते हैं। राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट और आयोग दोनों स्पष्ट कर चुके हैं। सोनिया गांधी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कांग्रेस पर वोट चोरी का आरोप भी लगाया।
राठौड़ ने जीएसटी में केंद्र सरकार द्वारा दी गई रियायतों को जनता के लिए बड़ी राहत बताया। इससे पहले उदयपुर रेलवे स्टेशन पर भाजपा शहर अध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, देहात अध्यक्ष पुष्कर तेली, पारस सिंघवी सहित कई नेताओं ने प्रदेशाध्यक्ष का स्वागत किया।
