विद्यार्थियों की 75 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करना कॉलेजों की जिम्मेदारी— प्रो. सुरेश कुमार

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अजमेर, 20 सितंबर। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार ने शनिवार को रूपनगढ़, परबतसर, मंगलाना, लूणवां, नावां, कुचामन सिटी एवं किशनगढ़ के राजकीय महाविद्यालयों का औचक निरीक्षण किया।

इस दौरान उन्होंने महाविद्यालयीन शिक्षण, प्रशासनिक प्रबंधन एवं विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति की स्थिति का अवलोकन किया एवं कार्यक्षमता को और मजबूत करने के लिए आवश्यक दिशानिर्देश दिये। कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार ने निरीक्षण के दौरान विशेष रूप से राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए ’राष्ट्रीय शिक्षा नीति क्रियान्वयन प्रकोष्ठ’ का गठन किए जाने की कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए ताकि महाविद्यालय स्तर पर शैक्षणिक एवं प्रशासनिक सुधारों को गति मिल सके।

उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों को ‘नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (नैक) की मान्यता प्रक्रिया को शीघ्रता से पूर्ण करवाने के लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे, ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण बने।

राज्यपाल एवं कुलाधिपति के द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि विद्यार्थियों की ’75 प्रतिशत उपस्थिति’ को अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाने के लिए उपस्थिति रजिस्टर का नियमित निरीक्षण कर कठोर अनुश्रवण किया जाए। इसके अतिरिक्त परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता एवं शुचिता भी सुनिश्चित किए जाने के लिए परीक्षा केंद्रों पर प्रशासनिक सख्ती एवं सतत निगरानी आवश्यक है।

कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार ने कहा कि विद्यार्थियों के हित में राज्यपाल एवं कुलाधिपति द्वारा दिये गये निर्देश विश्वविद्यालय प्रशासन एवं महाविद्यालय स्तर पर गंभीरता से लागू किए जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नियमित उपस्थिति और पारदर्शी मूल्यांकन प्रणाली, विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों का सर्वोच्च लक्ष्य रहेगा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डाॅ. सुनील टेलर भी उपस्थित रहे।