भारत ने मैच की शुरुआत आक्रामक अंदाज में की और पहले ही मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर नवनीत कौर ने गोल दाग दिया। शुरुआती बढ़त से चीन दबाव में आया, लेकिन उसने लगातार हमले जारी रखे। गोलकीपर बिचू देवी और डिफेंडर सुनेलिता टोप्पो ने कई बार शानदार बचाव किया, जिससे भारत ने बढ़त लंबे समय तक बनाए रखी।
दूसरे क्वार्टर में 21वें मिनट पर चीन की कप्तान ओउ जिक्सिया ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलते हुए स्कोर 1-1 कर दिया। तीसरे क्वार्टर में भारत ने दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन 40वें मिनट में ली होंग ने शानदार एकल प्रयास करते हुए गोल दाग दिया और चीन को 2-1 से आगे कर दिया।
आखिरी क्वार्टर में मेजबान चीन ने भारत की उम्मीदों को तोड़ दिया। 51वें मिनट में जोउ मीरोंग ने पास पाकर गोल कर दिया और दो मिनट बाद झोंग जियाकी ने तेज रन बनाते हुए चौथा गोल दाग दिया। इसके साथ ही चीन ने 4-1 की जीत दर्ज कर एशिया कप ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
हालांकि भारत फाइनल में हार गया, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में टीम ने दमदार प्रदर्शन किया और रजत पदक जीतकर एशिया में अपनी मजबूती साबित की।
