बहादुरगढ़ में तीन हजार कुत्तों का होगा बधियाकरण

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नगर परिषद की चेयरपर्सन सरोज राठी ने शनिवार को बताया कि शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या से लोगों को परेशानी हो रही है और कुत्तों के काटने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि परिषद का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि यह पूरी प्रक्रिया मानवीय और वैज्ञानिक तरीके से पूरी की जाए, जिससे न तो पशुओं को कष्ट हो और न ही शहरवासियों को असुविधा हो। प्रत्येक कुत्ते का बधियाकरण 1189 रुपये की दर से किया जाएगा। उन्होंने बताया कि टेंडर प्रक्रिया पूरी करके जींद की नैन एजेंसी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। टेंडर शर्तों के मुताबिक एजेंसी को पशु चिकित्सक, दवाइयों की उपलब्धता, कुत्तों को पकड़ने और रखने की व्यवस्था स्वयं करनी होगी।

सरोज राठी ने बताया कि नसबंदी और टीकाकरण के बाद कुत्तों को उसी स्थान पर छोड़ा जाएगा, जहां से उन्हें पकड़ा गया था। उनकी पहचान के लिए कान पर टैग लगाया जाएगा। साथ ही एजेंसी को यह सुनिश्चित करना होगा कि छह माह से कम उम्र के कुत्तों और छोटे पिल्लों वाली मादा कुत्तों की नसबंदी न की जाए। बीमार या घायल कुत्तों की देखभाल के लिए अलग व्यवस्था अनिवार्य होगी। नसबंदी के बाद प्रत्येक कुत्ते को कम से कम चार दिन के लिए निगरानी (होम स्टे) में रखा जाएगा।

चेयरपर्सन सरोज राठी ने बताया कि कार्य शुरू करने से पहले एजेंसी को भारतीय पशु कल्याण बोर्ड से अनुमति प्राप्त करनी होगी। इसके साथ ही नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी की ओर से एक ऑर्गन काउंटिंग व मॉनिटरिंग कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और दो पशु चिकित्सक भी शामिल होंगे। यह कमेटी पूरे अभियान की निगरानी करेगी। पूरा कार्य सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में किया जाएगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी प्रकार की अनियमितता न हो। टैगिंग और रिकॉर्डिंग की डिजिटल रिपोर्ट भी परिषद को सौंपी जाएगी।