सीआरपीएफ के वीर जवान को 21 राउण्ड की दी अंतिम सलामी

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विगत दिवस 8 अक्टूबर 2025 की 8 बजे के करीबन सुबह उनके निधन का आकस्मिक समाचार मिला, जिससे परिजनों सहित गांव व शहर के सभी शुभचिंतकों में शोक की लहर दोड़ गई। वीर जवान भगवान शर्मा वर्ष 1998 में सीआरपीएफ बल में शामिल हुये थे। अनुशासन, निष्ठा और कर्तव्यपरायणता से उन्हें सहायक उप निरीक्षक के पद पर पदोन्नत किया गया था। वे अपने परिवार के साथ पोरसा और दुर्गदास की गढ़ी में रहते थे। उनके परिवार में पत्नी रेखा शर्मा, बेटा ऋषभ (14 वर्ष) और तीन बेटियां आरती (22 वर्ष), प्रियंका (18 वर्ष) व स्नेह (16 वर्ष) हैं। तीनों भाइयों में दूसरे नंबर के भगवान शर्मा के छोटे भाई सुभाष शर्मा का कुछ समय पहले बीमारी से निधन हो चुका है, जबकि बड़े भाई गिर्राज शर्मा खेती-किसानी का कार्य करते हैं। उनके पिता स्व. रामकरन थापक भी फोर्स में सेवाएं दे चुके थे। सेवानिवृत्ति के बाद वे खेती-किसानी में जुटे थे, लेकिन कुछ वर्ष पूर्व उनका भी निधन हो गया था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, भगवान शर्मा ने ड्यूटी के दौरान सुसाइड करना बताया गया है। सीआरपीएफ फोर्स द्वारा मामले की जांच की जा रही है कि आखिर किन कारणों से इस जांबाज सैनिक ने यह कदम उठाया।

विगत दिवस सुबह सीआरपीएफ का बल ससम्मान उनके पार्थिव शरीर को गांव तक लाये। घर से मुक्तिधाम तक पूर्ण सेन्य सम्मान के साथ शवयात्रा निकालकर अंतिम विदाई दी। सशस्त्र बल की टुकड़ी सहित उपस्थित अधिकारी एवं ग्रामीणजन ने अंतिम श्रद्धांजलि देते हुये पुष्प अर्पित किये।