तेलंगाना के गांव में 200 आवारा कुत्तों की हत्या:पंचायत सचिव पर जहरीले इंजेक्शन से मरवाने का आरोप; एक महीने में 1100 कुत्तों की मौत

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तेलंगाना के हनमकोंडा जिले के पथीपाका गांव में 200 आवारा कुत्तों की जहरीला इंजेक्शन देकर हत्या कर दी गई। एनिमल वेल्फेयर ऐक्टिविस्ट के दावे के मुताबिक गांव के सरपंच ने दिसंबर में हुए चुनाव में जनता से कुत्तों से छुटकारा दिलाने का वादा किया था। करीब एक महीने पहले गांव में जहरीले इंजेक्शन देकर कुत्तों को मारा गया। यह कार्रवाई ग्राम पंचायत सचिव के आदेश पर हुई। शवों को गांव के कब्रिस्तान में दफना दिया गया। इससे पहले, हनमकोंडा जिले के श्यामपेट और अरेपल्ली गांवों में 6 जनवरी से 9 जनवरी के बीच लगभग 300 आवारा कुत्तों की हत्या का मामला सामने आया था। पुलिस ने इस संबंध में दो महिला सरपंचों और उनके पतियों सहित नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस ने इसी एफआईआर में पथीपाका गांव का मामला भी जोड़ा है। तेंगाना के तीन जिलों में दिसंबर 2025 से अब तक 1100 कुत्तों की हत्या हो चुकी है। 22 जनवरी- जगतियाल में 300 कुत्तों की हत्या हुई 22 जनवरी को जगतियाल जिले के पेगाडापल्ली गांव में करीब 300 कुत्तों को जहरीले इंजेक्शन देने हत्या का मामला सामने आया था। इस मामले में सरपंच और पंचायत सचिव के खिलाफ बीएनएस और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया। पूरी खबर पढ़ें… 19 जनवरी: याचरम में 100 कुत्तों की हत्या का आरोप इससे पहले 19 जनवरी को याचरम गांव में 100 कुत्तों को मारे जाने के आरोप में सरपंच, सचिव और एक वार्ड सदस्य के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। पुलिस ने बताया था कि दफनाने की जगह से लगभग 70 से 80 कुत्तों के शव निकाले गए। ऐसा लग रहा था कि शवों को तीन से चार दिन पहले दफनाया गया था। 14 जनवरी: कामारेड्डी में 200 कुत्तों की हत्या 14 जनवरी को कामारेड्डी जिले के 5 गावों- भवानीपेट, पालवंचा, फरीदपेट, वाड़ी और बंदारामेश्वरपल्ली गांवों में करीब 200-300 आवारा कुत्तों को मारने का आरोप था। पुलिस ने पांच सरपंचों सहित छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। पूरी खबर पढें… 6-9 जनवरी: हनमकोंडा जिले में 300 कुत्तों की मौत हनमकोंडा जिले के श्यामपेट और अरेपल्ली गांवों में 6 जनवरी से 9 जनवरी के बीच लगभग 300 आवारा कुत्तों की हत्या का मामला सामने आया था। चुनाव में कुत्तों-बंदरों से छुटकारा दिलाने का वादा किया था तेलंगाना के गांवों में ग्राम पंचायत चुनाव के बाद बड़े पैमाने पर आवारा कुत्तों को मारने के मामले सामने आए हैं। गांवों से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पिछले साल दिसंबर में ग्राम पंचायत चुनाव हुए थे। इस दौरान कुछ उम्मीदवारों ने आवारा कुत्तों और बंदरों की समस्या से निपटने का वादा किया था। आरोप है कि चुनाव जीतने के बाद वही वादे कुत्तों को मारकर पूरे किए जा रहे हैं। सरपंचों ने कुत्तों को जहर देने के लिए व्यक्ति को नियुक्त किया था पुलिस के अनुसार, सरपंचों पर आरोप है कि उन्होंने कुत्तों को मारने के लिए जहरीले इंजेक्शन का इस्तेमाल किया। सरपंचों ने किसी व्यक्ति को जहरीले इंजेक्शन लगाने के लिए नियुक्त किया था। कुत्तों की हत्या के बाद उनके शव गांवों के बाहर दफनाए गए थे। ———– ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला-कुत्ते के काटने पर भारी मुआवजा तय होगा:जो आवारा कुत्तों को लेकर चिंतित, वे अपने घर ले जाएं; उन्हें ऐसे नहीं छोड़ सकते सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के हमलों पर सख्त टिप्पणी की। अदालत ने कहा, ‘बच्चों या बुजुर्गों को कुत्तों के काटने, चोट लगने या मौत के हर मामले में हम राज्य सरकारों से भारी मुआवजा दिलवाएंगे, क्योंकि उन्होंने पिछले 5 सालों में नियमों को लागू करने के लिए कुछ नहीं किया।’ पूरी खबर पढ़ें…