कुरुक्षेत्र में हेरिटेज विलेज से 20 लाख की चोरी:300 साल पुराने 200 बर्तन सहित कीमती सामान गायब, पुराने ड्राइवर पर शक

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हरियाणा के कुरुक्षेत्र में जीटी रोड पर मसाना गांव में बन रहे विरासत हेरिटेज विलेज से 200 पुराने बर्तन चोरी हो गए। ये बर्तन पीतल, तांबा और कांसे के हैं, जो 300 साल पुराने हैं। इनकी कीमत करीब 20 लाख रुपए आंकी गई है। देश भर में घूमकर इस सामान को इकट्‌ठा करके यहां रखा गया था। उधर, हेरिटेज विलेज बना रहे कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के प्रो. डॉ. महासिंह पूनिया ने अपने पुराने ड्राइवर पर चोरी का शक जताया है। पुलिस ने उनकी शिकायत पर आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कर ली। अब पुलिस मामले की जांच में जुटी है। चादर उखाड़कर चुराया सामान डॉ. पूनिया ने शिकायत में बताया कि वे हेरिटेज विलेज में गोदाम के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में गए। यहां की चादरें उखाड़ी गई थीं और एक ट्रंक का ताला तोड़ा गया था। ट्रंक से करीब 200 पुराने जमाने के बर्तन गायब थे। ये बर्तन उन्होंने इकट्ठा किए थे। 75 से 300 साल पुराना सामान डॉ. पूनिया ने बताया कि इन सामान में 75 से 300 साल पुराना सामान शामिल है। इसमें 150 साल पुराने पीतल के 30 टोकने, 90 साल पुरानी पीतल की 8 प्रेस, 100 साल पुराने RBI के पीतल के 2 बाट, 100 साल पुरानी पीतल की 20 टोकनी, 90 साल पुरानी पीतल की 5 केतली, 100 साल पुराने कांसे के 20 बर्तन और लोटूवे चोर चुराकर भाग गए। मुगलकालीन सुराही भी चुराई इन बर्तन में मुगल काल की करीब 300 साल पुरानी 20 सुराही और बर्तन, करीब 75 साल पुराने पीतल के कढ़ाई वाले 70 गिलास, 100 साल पुरानी पीतल की 10 बोतलें और 100 साल पुराने पीतल के 5 दीये समेत कुल 200 बर्तन चोरी हो गए। जिनकी कीमत करीब 20 लाख रुपए हैं। पुराने ड्राइवर पर शक डॉ. महासिंह पूनिया ने बताया कि इस सामान को इकट्ठा करने के लिए उन्होंने देशभर की यात्रा की। ये सिर्फ बर्तन नहीं, बल्कि इतिहास के टुकड़े हैं, जो हरियाणा की पुरानी जीवनशैली बताते हैं। उनको अपने पुराने ड्राइवर रोहित निवासी कनीपला पर शक है। रोहित हेरिटेज विलेज में ड्राइवर था। नौकरी से निकालने के बाद चोरी हुआ सामान उनके मुताबिक, इस चोरी से कुछ दिन पहले गोदाम से एक पीतल का बाट गायब हुआ। शक होने पर उन्होंने रोहित को नौकरी से निकाल दिया था। उसके बाद भी आरोपी विलेज के कर्मचारियों को फोन करके उनकी लोकेशन पूछता रहता था। कौन हैं डॉ. महासिंह पूनिया डॉ. पूनिया कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन एंड मीडिया टेक्नोलॉजी (IMCT) के डायरेक्टर हैं। साथ ही, वे इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हिंदी स्टडीज (IIHS) में हिंदी विभाग के हेड भी हैं। साहित्य अकादमी के जनरल काउंसिल मेंबर भी रह चुके हैं। डॉ. पूनिया हरियाणा की पुरानी संस्कृति को बचाने के लिए काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे खुद गांव-गांव घूमकर और खरीदकर ये पुरानी चीजें इकट्ठा कर रहे हैं। ये सब सामान आने वाली पीढ़ियों को इतिहास दिखाने के लिए है। 8 एकड़ में बन रहा विरासत विलेज जीटी रोड विरासत हेरिटेज विलेज 8 एकड़ जमीन पर बन रहा है। ये जगह हरियाणवी संस्कृति को जीवित रखने का एक केंद्र है। यहां पुरानी हवेलियां, शिल्पकला और ग्रामीण जीवन की झलक दिखाई जाती है। विलेज में शादियां, प्री-वेडिंग शूट, इवेंट्स और फिल्म शूटिंग भी होती हैं। सांझी को दे रहा बढ़ावा हाल ही में यहां राखीगढ़ी फेस्टिवल 2025 और सांझी फेस्टिवल जैसे कार्यक्रम हुए थे, जहां हरियाणा की लोक कला और संस्कृति को बढ़ावा दिया गया। उधर, थाना सदर थानेसर के SHO सतीश कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। अभी कोई आरोपी पकड़ा नहीं गया है।