हरियाणा में 2 दिन में 180 मिमी बारिश:पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम, दिन का पारा 8 से 10°C तक लुढ़का, अब आगे बढ़ेगा पारा

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हरियाणा में 19 और 20 मार्च को सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। जिला-वाइज आंकड़ों के मुताबिक इन दो दिनों में प्रदेश में कुल करीब 180 मिमी तक बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान पर बड़ा असर पड़ा। 20 मार्च को दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला गया और कई जिलों में पारा 20 से 25°C के बीच सिमट गया। लगातार बारिश, बादल और ठंडी हवाओं के कारण दिन में भी ठंडक महसूस हुई, जबकि रात का तापमान सामान्य के आसपास बना रहा। दो दिन में बारिश का सबसे ज्यादा असर रोहतक, सोनीपत, चरखीदादरी, पलवल और महेंद्रगढ़ जिलों में रहा। वहीं अधिकांश जिलों में 5 से 20 एमएम बारिश हुई। आज अधिकतम तापमान भिवानी में सबसे ज्यादा 25°C तक दर्ज किया गया। दिन के तापमान में गिरावट जारी 20 मार्च को हरियाणा में अधिकतम तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई। पश्चिमी विक्षोभ से हुई बारिश और घने बादलों के कारण दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे पहुंच गया। अंबाला में अधिकतम तापमान 19°C के आसपास दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 10°C कम है। करनाल, हिसार और रोहतक में यह 22 से 23°C के बीच रहा। सोनीपत की रात सबसे ठंडी न्यूनतम तापमान में 20 मार्च को हल्की गिरावट के बावजूद यह सामान्य के आसपास बना रहा। सोनीपत में सबसे कम न्यूनतम तापमान 14.3°C दर्ज किया गया। करनाल में 15.3°C, हिसार में 15.9°C और गुरुग्राम में 17°C न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड हुआ। बारिश और बादलों के कारण रात के तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं आई और नमी बढ़ने से ठंडक का असर बना रहा। बारिश में तेज हवा चलने से गेहूं को नुकसान- एक्सपर्ट चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय गेहूं एक्सपर्ट डॉ. ओपी बिश्नोई ने बताया कि गेहूं को बारिश से नुकसान नहीं है। हां अगर बारिश के साथ तेज हवा चलने से गेहूं बिछने का डर रहता है। अगर किसानों ने खेत में पहले से सिंचाई की है और बारिश के साथ तेज हवा चली तो गेहूं बिछ सकती है। गेहूं बिछने से पौधे की ताकत खत्म हो जाती है, उसका जमीन से संपर्क कट हो जाता है उसका दाना कमजोर हो जाता है। इससे एक तिहाई पैदावार पर असर पड़ सकता है। हां, बारिश से यह फायदा है कि इससे तापमान में गिरावट हो गई है इससे पछेती गेहूं को फायदा होगा। तापमान जो 35 डिग्री के पार चला गया था इससे गेहूं को नुकसान हो सकता था। वहीं सरसों को इस बारिश से नुकसान नहीं है क्योंकि सरसों पक चुकी है। ओले गिरने से ही सरसों को नुकसान होगा।