उन्होंने कहा कि, दंतेवाड़ा में संचालित अंदरूनी (नक्सल प्रभावित) क्षेत्रों के लगभग सभी एकल शिक्षकीय शासकीय शालाओं में शिक्षा समर्थन योजना अंतर्गत साल 2014 से स्थानीय अतिथि शिक्षक निरंतर कार्य करते आ रहे हैं। जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार हिंदी के साथ-साथ स्थानीय बोली-भाषा में पिछले 10 साल से बच्चों का भविष्य संवारने में मदद कर रहे हैं । जिले में शिक्षा स्तर में गुणवत्तापूर्ण सुधार आया है । पिछले साल जिले में कुल 271 अतिथि शिक्षक कार्यरत थे । लेकिन, वर्तमान के युक्तियुक्तकरण एवं संलग्नीकरण के कारण आज वर्तमान में मात्र 105 अतिथि शिक्षकों की ही न्युक्ति हुई है । शेष 166 अतिथि शिक्षक अभी शिक्षकीय कार्य से वंचित हैं। वंचित शिक्षक बेरोजगार होने से मानसिक एवं आर्थिक रूप से परेशान हैं। इनका कहना है कि, रोजी-रोटी की तकलीफ आन पड़ी है । घर की हालत ऐसी हो गई है, कि राशन लेने को भी पैसे नहीं हैं। अध्यक्ष का कहना है कि इस मामले को लेकर उप मुख्यमंत्री समेत 3 बार मंत्री केदार कश्यप से मिले, वहीं विधायक और जिला पंचायत सदस्य से भी मिल चुके हैं लेकिन कोई सुन नहीं रहा । इसलिए धरना देने का निर्णय लिए हैं।
युक्तियुक्तकरण से निकाले गये 166 अतिथि शिक्षक दंतेवाड़ा में देंगे अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन
