इंदौर में दूषित पानी के कारण अब तक 16 लोगों की मौतें हो चुकी हैं। इस घटना को लेकर देश भर के नेता सरकार पर हमलावर हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, बसपा सुप्रीमो मायावती, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी, टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी इस मामले में राज्य और केंद्र सरकार को घेर रहे हैं। इसके बावजूद एमपी के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के टॉप लीडर्स ग्राउंड से गायब हैं। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व सीएम कमलनाथ और दिग्विजय सिंह सोशल मीडिया पर ही मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के रवैये के साथ अफसरों और सीएम पर हमले कर रहे हैं। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और कमलनाथ सिर्फ X पर ही सरकार को घेरने में लगे हैं। अब तक दोनों सीनियर नेता इंदौर नहीं गए। गृह नगर में घटना, पटवारी पंचायत कमेटियां बनाने में जुटे
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी इंदौर जिले की राऊ सीट से विधायक रहे हैं। उनके गृह नगर इंदौर में लगातार दूषित पानी से मौतें हो रहीं हैं। वे 30 दिसंबर को इंदौर गए और दूषित पानी से जिन लोगों की मौतें हुईं, उनके परिजन से मिले। 30 दिसंबर के बाद से जीतू पटवारी पंचायत कमेटियां बनाने में व्यस्त हैं। हालांकि जीतू पटवारी ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी लगातार इस मुद्दे को उठा रही है। मामले में अगर जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस प्रदर्शन करेगी। दूषित पानी कांड के बाद जीतू पटवारी के प्रमुख कार्यक्रम और बयान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पिक्चर से गायब इंदौर में लगातार बढ़ते मौतों के बाद भी नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सिर्फ सोशल मीडिया पर सक्रिय नजर आ रहे हैं। सिंघार ने सिर्फ X पर पोस्ट करके सवाल उठा रहे हैं। एक वीडियो जारी कर उन्होंने मंत्री का इस्तीफा मांगा। नेता प्रतिपक्ष की सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं देश भर के नेताओं ने इंदौर की घटना की निंदा की उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती ने 2 जनवरी को सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इंदौर में प्रदूषित पानी पीने से नागरिकों की मौत और कई लोगों के बीमार होने की खबर बेहद दुखद और चौंकाने वाली है। उन्होंने राज्य सरकार से सख्त कदम उठाने और केंद्र सरकार से भी इस मामले में संज्ञान लेकर प्रभावी कार्रवाई की मांग की, ताकि देश के किसी अन्य राज्य में ऐसी दर्दनाक घटनाएं न हों। उड़ीसा के कोरापुट से कांग्रेस सांसद सप्तागिरी शंकर उलका ने कहा कि मंत्री द्वारा पत्रकार के लिए इस्तेमाल की गई भाषा बेहद शर्मनाक और दुखद है। उन्होंने कहा कि इंदौर लगातार आठ सालों से सबसे स्वच्छ शहर का पुरस्कार जीतता रहा है, लेकिन उसी शहर में गंदा पानी पीने से लोगों की मौत हो जाना डबल इंजन सरकार की विफलता को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि यदि इंदौर की यह स्थिति है तो गांवों की हालत की कल्पना की जा सकती है। नगर निगम आयुक्त को ‘प्यादा’ बताते हुए उन्होंने संबंधित मंत्री को सस्पेंड करने और मुख्यमंत्री से इस्तीफा देने की मांग की। शिवसेना (उद्धव गुट) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि लगातार इंदौर को बेस्ट क्लीन सिटी का अवॉर्ड मिलना और फिर साफ पानी जैसी मूलभूत सुविधा न मिल पाना न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि मरने वालों की वास्तविक संख्या अब तक स्पष्ट नहीं है। उन्होंने छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस मामले को दबाने की कोशिश की गई थी। उन्होंने कहा कि इतने वर्षों से सरकार में रहते हुए यदि पीने का साफ पानी नहीं दे सकते तो जवाबदेही तय होनी चाहिए। बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने बयान देते हुए कहा कि दुर्घटनाएं सुनियोजित नहीं होतीं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के पास कोई काम नहीं है, इसलिए वे इस तरह की बातें करते रहते हैं। कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भुवनेश्वर में बयान देते हुए कहा कि साफ पेयजल उपलब्ध कराने के मामले में भारत 122 देशों में 120वें स्थान पर है। उन्होंने कहा कि जिस इंदौर को बार-बार स्वच्छ शहर का अवॉर्ड दिया जाता है, वहां दूषित पानी पीने से दर्जनों लोगों की मौत हो गई और डेढ़ हजार से ज्यादा लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा मंत्री पत्रकारों को गालियां देकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते। केंद्रीय जलशक्ति राज्यमंत्री राजभूषण चौधरी ने कहा कि इस घटना से सरकार भी मर्माहत है। उन्होंने इसे पाइपलाइन लीकेज का परिणाम बताते हुए कहा कि सरकार सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रयासों के बावजूद कभी-कभी तकनीकी विफलताओं के कारण ऐसी घटनाएं हो जाती हैं। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि उन्हें इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन यदि दूषित पानी की आपूर्ति हुई है तो सरकार को इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। ये खबर भी पढ़ें… इंदौर में दूषित पानी से 16 मौतें, 150 लोग बीमार इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों का आंकड़ा शनिवार को 16 पर पहुंच गया। 150 लोग अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं। अलग-अलग हॉस्पिटल के ICU में भर्ती लोगों को एक जगह शिफ्ट किया जा रहा है। शनिवार शाम 6 बजे के बाद ऐसे 12 मरीज बॉम्बे हॉस्पिटल के ICU में लाए गए। पूरी खबर पढ़ें… इंदौर में सज्जन वर्मा पर चप्पल-चूड़ियां फेंकीं इंदौर के भागीरथपुरा में शनिवार को कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ता भिड़ गए। इस दौरान जमकर हंगामा, नारेबाजी और धक्कामुक्की देखने को मिली। अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा। जवानों ने हल्का बल प्रयोग कर कांग्रेस नेताओं को गाड़ियों में भरा और इलाके से दूर ले गए। पढ़ें पूरी खबर…
इंदौर में 16 मौतें…बड़े कांग्रेस नेता सोशल मीडिया पर एक्टिव:प्रदेशाध्यक्ष पंचायत कमेटियां बनाने में व्यस्त; सिंघार-दिग्विजय और कमलनाथ की X पर बयानबाजी
