पानीपत जिले में शनिवार सुबह मौसम के बदले मिजाज ने नेशनल हाईवे-44 पर भारी तबाही मचाई, दो दिनों तक रुक-रुक कर हुई बरसात के बाद शनिवार (21 मार्च) की सुबह पूरा जिला सफेद चादर (घने कोहरे) में लिपटा नजर आया। विजिबिलिटी (दृश्यता) इतनी कम थी कि हाईवे पर चल रहे वाहनों को 5 मीटर दूर का रास्ता भी दिखाई नहीं दे रहा था। इसी शून्य दृश्यता के कारण गांव सिवाह बस स्टैंड के पास एक के बाद एक 15 वाहन आपस में टकरा गए, जिससे हाईवे पर घंटों तक लंबा जाम लगा रहा। हादसे में 4 पुरुष, 3 महिलाएं और 3 बच्चे घायल हुए हैं। ये सभी सिवाह बाइपास स्थित एक निजी अस्पताल में एडमिट है। ट्रक खराब होने के कारण हादसा हादसे की शुरुआत सुबह करीब 7:30 बजे हुई। जानकारी के अनुसार, चंडीगढ़ से दिल्ली जाने वाली लेन में सिवाह बस स्टैंड के पास एक ट्रक अचानक तकनीकी खराबी के कारण सड़क किनारे खड़ा हो गया था। कोहरा इतना घना था कि पीछे से आ रहे अन्य वाहन ड्राइवरों को सड़क पर खड़ा यह ट्रक समय रहते दिखाई नहीं दिया। एक के बाद एक भिड़ते चले गए वाहन हादसा तब और भयानक हो गया जब पीछे से आ रहा एक तेज रफ्तार ट्रक खड़े हुए खराब ट्रक में जा घुसा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि देखते ही देखते पीछे से आ रहे 4 और ट्रक इसी तरह आपस में टकरा गए। ट्रकों की इस भिड़ंत के बाद हाईवे पर वाहनों का मलबा फैल गया, लेकिन हादसा यहीं नहीं थमा, पीछे से आ रही छोटी गाड़ियां और कारें भी कोहरे के कारण इन दुर्घटनाग्रस्त ट्रकों से टकराती रहीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुल 15 गाड़ियां इस चेन रिएक्शन का शिकार हुईं। हाइवे पर लगा मीलों लंबा जाम इस भीषण सड़क हादसे के बाद नेशनल हाईवे-44 की दिल्ली जाने वाली लेन पूरी तरह से अवरुद्ध हो गई। क्षतिग्रस्त वाहनों के कारण हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और जाम की स्थिति पैदा हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। पुलिस के आने तक हाईवे पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण थी और वाहन रेंग-रेंग कर गुजरने को मजबूर थे। डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद खुला रास्ता मौके पर पहुंची पुलिस ने क्रेन मंगवाकर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटाना शुरू किया। करीब पौने 9 बजे तक पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद हाईवे की एक लेन को यातायात के लिए खुलवाया। एक लेन खुलने के बाद फंसे हुए वाहन चालकों ने राहत की सांस ली और धीरे-धीरे ट्रैफिक को सुचारू किया गया। पुलिस की एडवाइजरी, फॉग लाइट्स का करें उपयोग दो दिनों की बरसात के बाद अचानक बढ़ी इस ठंड और कोहरे ने लोगों को फिर से गर्म कपड़े निकालने पर मजबूर कर दिया है। पुलिस प्रशासन ने वाहन ड्राइवरों को सलाह दी है कि कोहरे के दौरान वाहनों की रफ्तार धीमी रखें और फॉग लाइट्स व इंडिकेटर्स का निरंतर प्रयोग करें, ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।
पानीपत NH-44 पर धुंध में भिड़े 15 वाहन:ट्रकों की टक्कर के बाद मची चीख-पुकार; 3 बच्चों समेत 10 घायल
