प्रयागराज में माघ मेला का पहला दिन है। शनिवार सुबह पौष पूर्णिमा पर करीब 1 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। यह महाकुंभ के बाद पहला माघ मेला है। देश के अलग-अलग हिस्सों से साधु-संत, कल्पवासी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में डुबकी लगा रहे हैं। स्नान-दान कर रहे हैं। मेला प्राधिकरण का दावा है कि पहले स्नान पर्व पर 15 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। 15 फरवरी तक चलने वाले इस माघ मेले में आज से कल्पवासियों का कल्पवास भी हो रहा है। 45 दिनों तक कल्पवासी यहीं गंगा के तट पर रहेंगे और पूजन अर्चन भी करेंगे। माघ मेला होने की वजह से इसमें अखाड़े नहीं आते हैं और न ही पेशवाई निकलती है। 4 तस्वीरें देखिए… योगी सरकार 800 हेक्टेयर में माघ मेले को मिनी कुंभ के तौर पर आयोजित कर रही है। मेले को 7 सेक्टरों में बसाया गया है। माघ मेले में 5000 से ज्यादा संस्थाएं और साधु संत बसाए गए हैं। मेला क्षेत्र में लगभग 8 किलोमीटर के स्नान घाट बनाए गए हैं। स्नान घाटों पर महिलाओं के कपड़े बदलने के लिए चेंजिंग रूम बनाया गया है। मेले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। एंट्री प्वाइंट से संगम नोज समेत सभी घाटों पर करीब 10 हजार पुलिस के जवानों को लगाया गया है। AI तकनीक से लैस CCTV से भी यहां निगरानी की जा रही है। 2 जनवरी की रात आठ बजे से ही मेले में वाहनों की एंट्री रोक दी गई है। संगम नोज पर प्रशासकीय और चिकित्सीय वाहनों को छोड़कर अन्य किसी भी प्रकार के वाहन नहीं जाएंगे। यह व्यवस्था चार जनवरी की सुबह तक लागू रहेगी। तीन जोन के अनुसार अलग-अलग व्यवस्था बनाई गई है, जो इस प्रकार से होगी। माघ मेले से जुड़े लाइव अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
माघ मेला का पहला दिन, 1 लाख श्रद्धालु पहुंचे:पौष पूर्णिमा पर 15 लाख भक्त लगाएंगे डुबकी, 10 हजार पुलिसकर्मी तैनात
